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बेहद खुबसूरत है अमरीश पुरी की बेटी, पहली बार सामने आई Photos हो रही वायरल

बेहद खुबसूरत है अमरीश पुरी की बेटी, पहली बार सामने आई Photos हो रही वायरल

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बॉलीवुड में यूं तो कई दिग्गज कलाकारों की बात होती हैं लेकिन हिंदी सिनेमा में अमरीश पुरी ने अपनी अदाकारी की ऐसी छाप छोड़ी है कि आज वे अपने चाहने वालों के दिलों में बसे हुए हैं. हालांकि आज वे हमारे बीच नहीं रहे लेकिन अपनी बेहतरीन फिल्मों और अदाकारी से उन्होंने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को अच्छे मनोरजंन की सीख दी है और 90 का दशक तो मानों विलनों में अमरीश पुरी का ही था. दोस्तों आज उनके जन्मदिन के मौके पर हम अमरीश पुरी की ही काबिल और खुबसूरत बेटी के बारे में आपको बताने जा रहे हैं.

बॉलीवुड फिल्म इंड्रस्ट्री में विलेन के रूप में अपनी खास पहचान बनाने वाले अमरीश पूरी की अदाकारी का हर कोई दीवाना था। फिल्मो में उनके द्वारा किये किये अभिनय को देख कर हर कोई हैरान हो जाता था।

At one point in his football career, he told me he was constantly getting uptight. As we talked, I realized that he was visualizing uptightness. So we worked on visualizing relaxation in the middle of the big pressure circumstance. We discovered that the nature of the visualization is very important. If you visualize the wrong thing, you’ll produce the wrong thing.

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आज हम आपको अमरीश पूरी के बारे में नहीं बल्कि उनकी खूबसूरत बेटी के बारे में बताएंगे। अमरीश पुरी की बेटी का नाम नम्रता है। जो काफी खूबसूरत और स्टाइलिश भी है। वैसे तो नम्रता खुद को बॉलीवुड की चकाचौंध से काफी दूर ही रखती हैं।

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अमरीश पूरी ने बॉलीवुड में पहला किरदार सुनील दत्त और वहीदा रहमान की फिल्म रेशमा और शेरा में किया था। इस फिल्म में उन्होंने रहमत खान नाम के व्यक्ति का किरदार निभाया था।

नम्रता पुरी

बता दें कि नम्रता एक इंजीनियर के साथ-साथ बेहतरीन कॉस्टयूम डिजायनर भी हैं। नम्रता शादी शुदा हैं। उनकी शादी बिजनेसमैन शिरीष भगवे के साथ हुई है। नम्रता के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक से बढ़कर एक डिजायनर कपड़ों की तस्वीर साफ़ दिखाई दे रही है।

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Personal leadership is not a singular experience. It doesn’t begin and end with the writing of a personal mission statement. It is, rather, the ongoing process of keeping your vision and values before you and aligning your life to be congruent with those most important things. And in that effort, your powerful right-brain capacity can be a great help to you on a daily basis as you work to integrate your personal mission statement into your life. It’s another application of “Begin with the End in Mind.”

Let’s go back to an example we mentioned before. Suppose I am a parent who really deeply loves my children. Suppose I identify that as one of my fundamental values in my personal mission statement. But suppose, on a daily basis, I have trouble overreacting. I can use my right-brain power of visualization to write an “affirmation” that will help me become more congruent with my deeper values in my daily life.

A good affirmation has five basic ingredients: it’s personal, it’s positive, it’s present tense, it’s visual, and it’s emotional. So I might write something like this: “It is deeply satisfying (emotional) that I (personal) respond (present tense) with wisdom, love, firmness, and self-control (positive) when my children misbehave.”

 

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